- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
कालिदास समारोह या कथक समारोह
सात दिन में 7 कथक प्रस्तुतियां, अपर कलेक्टर ने मंच से कहा- अगले वर्ष नाट्य मंचन व नृत्य प्रस्तुति में संतुलन बनाएंगे
उज्जैन | अखिल भारतीय कालिदास समारोह का गुरुवार को समापन हो गया। सात दिनी समारोह में इस बार कथक की प्रस्तुतियां सबसे ज्यादा रहीं। सात दिनों में कथक की 7 प्रस्तुतियां हुईं। इसमें एक दिन ऐसा भी रहा, जब दो कथक प्रस्तुतियां हुई। जिससे यह पूरा समारोह कथक समारोह जैसा हो गया। समापन संध्या पर भी गुरुवार रात नईदिल्ली की रचना यादव एवं उनके साथी कलाकारों ने कथक समूह नृत्य किया। प्रस्तुति से पहले शाम 4 बजे हुए समापन समारोह में अपर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने भी मंच से यह स्वीकार किया कि इस बार कथक ज्यादा हुए हैं। अगले वर्ष नाट्य मंचन आैर कथक नृत्य में कलाकारों का सामंजस्य कर दोनों विधाओं को समतुल्य बनाएंगे। मुखर्जी को जिला प्रशासन की ओर से समारोह के लिए कार्यक्रम समन्वयक अधिकारी नियुक्त किया है।